देश की पहली स्वदेशी mRNA वैक्सीन HGCO19 को ह्यूमन ट्रायल की मिली मंजूरी

नई दिल्ली। भारत की एमआरएनए तकनीक आधारित वाली कोरोना वैक्सीन HGCO19 को पहले और दूसरे चरण के ह्यून ट्रायल की मंजूरी मिल गई है। ये भारत में एमआरएनए तकनीक वाली कोविड19 की पहली वैक्सीन है, जिसे ह्यूमन ट्रायल की परमिशन मिली है। भारतीय ड्रग नियामक से वैक्सीन को ट्रायल की अनुमति मिली है। शुक्रवार को साइंस और टेक्नॉलजी मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है।

HGCO19 वैक्सीन को पुणे स्थित जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स बना रही है। जिसे फेज-1 और 2 के ह्यूमन ट्रायल की परमिशन मिली है। जेनोवा इस वैक्सीन को अमेरिकी कंपनी एचडीटी बायोटेक कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर बना रही है। कंपनी ने फेज-1 और दो के ह्यूमन ट्रायल करने के लिए अथॉरिटी को प्रस्ताव भेजा था। जानकारी के मुताबिक,सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी की सिफारिश के बाद इस वैक्सीन को क्लिनिकल ह्यूमन ट्रायल की ये परमिशन मिली है।

mRNA तकनीक में वैक्सीन की मदद से मानव कोशिकाओं को जेनेटिक निर्देश मिलता है, जिससे वो वायरस से लड़ने के लिए प्रोटीन विकसित कर सके। यानी इस तकनीक से बनी वैक्सीन शरीर की कोशिकाओं में ऐसे प्रोटीन बनाती हैं जो वायरस के प्रोटीन की नकल कर सकें। संक्रमण होने पर उसे बाहरी आक्रमण समझकर इम्यून सिस्टम सक्रिय हो जाता है और बाहरी वायरस को नष्ट कर देती है।

देश में कई कोरोना वैक्सीन पर लगातार काम चल रहा है। कई वैक्सीन ने काफी प्रगति भी की है। वहीं संक्रमण के नए मामले आने का सिलसिला भी जारी है।

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