एथेनाल मिश्रित पेट्रोल ङाल रहा आम आदमी के जेब पर डाका!

एथेनाल मिश्रित पेट्रोल ङाल रहा आम आदमी के जेब पर डाका!
पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से मुख्य रूप से पुरानी गाड़ियों (जो E20 के अनुकूल नहीं हैं) के इंजन, फ्यूल पाइप और रबर पार्ट्स प्रभावित हो सकते हैं। एथेनॉल नमी सोखता है जिससे जंग और माइलेज में थोड़ी कमी आ सकती है। हालांकि, सरकार इसे सुरक्षित मानती है।पेट्रोल में इथेनॉल के मिश्रण (Ethanol Blending) से वाहनों और उनके पुर्जों पर पड़ने वाले मुख्य प्रभाव इस प्रकार हैं:1. इंजन और पार्ट्स पर प्रभावजंग (Corrosion) की समस्या: एथेनॉल प्रकृति में ‘हाइग्रोस्कोपिक’ (Hygroscopic) होता है, यानी यह हवा से नमी सोख लेता है। यदि वाहन लंबे समय तक खड़ा रहे, तो यह नमी तेल में मिलकर फ्यूल टैंक और पाइप में जंग का कारण बन सकती है।रबर और प्लास्टिक का खराब होना: उच्च-मिश्रण (जैसे E20) पुराने वाहनों के फ्यूल सिस्टम में मौजूद रबर की होज़ (Hoses) और प्लास्टिक पार्ट्स को गला या कमजोर कर सकता है।फ्यूल इंजेक्टर का जाम होना: इथेनॉल के कारण ईंधन में अशुद्धियां या गाद (Gum) बन सकती है, जो फ्यूल फिल्टर और इंजेक्टर को ब्लॉक कर सकती है।2. प्रदर्शन और माइलेजमाइलेज में कमी: चूँकि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता (Caloric Density) शुद्ध पेट्रोल से कम होती है, गाड़ी के माइलेज में लगभग 1% – 2% तक की कमी आ सकती है।पिकअप में समस्या: कुछ मामलों में, विशेष रूप से पुरानी गाड़ियों में, इंजन की सुस्ती या पिकअप कम होने की शिकायतें आ सकती हैं।

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