
झारखंड में पहली बार वित्त मंत्री ने औद्योगिक संस्थानों से टैक्स बढ़ाने पर की परिचर्चा
राज्य ब्यूरो झारखंड
रांची। राज्य के वित्तमंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने आज रांची में औद्योगिक घरानों के प्रतिनिधियों और बड़े करदाताओं के साथ बैठक की। अलग झारखंड राज्य गठन के बाद पहली बार टैक्स दाताओं के साथ हुई बैठक में करदाताओं की समस्याओं के निदान और टैक्स संग्रहण की बाधाओं को दूर करने पर चर्चा हुई। वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पूरा करने, पेंशन और यूनिवर्सल पेंशन स्कीम समेत अन्य कार्यां के लिए राशि की जरूरत होती है। केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी लागू करने के बाद यह साफ कर दिया गया है कि वर्ष 2022 के बाद जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि राज्यों को नहीं दी जाएगी।
इसके मद्देनजर राज्यों को अपने संसाधनों की बदौलत अपनी जरूरतों को पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में राज्य के विकास के लिए कर दाताओं का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि सरकार ईमानदारी से टैक्स देने वाले करदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करती है और किसी तरह से दंडात्मक कार्रवाई नहीं करना चाहती है। परंतु टैक्सदाताओं को भी यह ध्यान रखना चाहिए कि वे समय पर टैक्स जमा कर दें। इस संबंध में राज्य सरकार सीए और अन्य प्रोफेशनल्स से भी बातचीत करेगी एवं सही से रिटर्न फाइल करने को लेकर विचार विमर्श करेगी।
वित्तमंत्री ने कहा कि दुनिया में पहली बार जुलियस सीजर के शासनकाल में एक प्रतिशत सेल टैक्स लेने की शुरुआत की गयी थी।अब सभी देश टैक्स वसूल कर कल्याणकारी कार्यां और सुरक्षा की जिम्मेवारी उठाते है। इस दौरान वित्तमंत्री ने टैक्सदाताओं की समस्याएं भी सुनी और उसकी समस्याओं के समाधान का भी भरोसा दिलाया। इस मौके पर विभागीय सचिव आराधना पटनायक एवं सेल टैक्स कमिश्नर संतोष वत्स भी मौजूद रहे।
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