भारत की अनन्य साहित्यिक विरासत को समेटे नयी दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव का भव्य आगाज 26 दिसम्बर को दिल्ली में

ब्यूरो  रिपोर्ट नेशनल डेस्क

खुबसुरत अरावली पर अवस्थित महाभारत काल से इंद्रप्रस्थ का हिस्सा रहे, विदेशी सत्ता और मुग़लों के काले अध्याय का साक्षी रहे दिल्ली साहित्य, सत्ता और प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग से कम नहीं रहा है। यहाँ की सर्द की तुलना खुशवन्त सिंह ने कजाकिस्तान की राजधानी की खुबसुरत सर्द से की थी।
सदियों से साहित्य प्रेमी के बीच प्रसिद्ध समृद्ध भारतीय साहित्य परंपरा व विरासत के मद्देनजर दिल्ली को विश्व पटल करने पर पुनः गौरवान्वित करने के उद्देश्य से पी आई ऊ ट्रस्ट द्वारा आयोजित नयी दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव का भव्य आगाज 26 दिसम्बर 2021 संसद सदस्य क्लब, नोर्थ एवेनउ, नयी दिल्ली- 1 में होने जा रहा है। इस महोत्सव के मुख्य अतिथि दिल्ली के सांसद होंगे। विशिष्ट अतिथि अंतर्राष्ट्रीय हास्य कवि शंभु शिखर के अलावा दिल्ली के अन्य गणमाञ्य अतिथि होंगे। दिल्ली सरकार द्वारा ‘मोहन राकेश सम्मान’ से सम्मानित ‘घन्श्याम कुमार देवान्श’, बनारस हिन्दु विवि के हिन्दी के सहायक प्रो. डा. महेन्द्र प्रसाद कुशवाहा व देश भर के अन्य मुर्धञ्य साहित्यकार भी उपस्थित रहेंगे। अफ़गानिस्तान में तालिबान सत्ता द्वारा मानव अधिकार हनन पर व्याख्यान हेतु एन. एच.आर. सी.सी.बी. के अध्यक्ष डा. रन्धीर कुमार या टीम उपस्थित रहेंगे।
इस महोत्सव के सह-संस्थापक व उपाध्यक्ष विक्रम कुमार सिन्हा ने बताया कि इस महोत्सव में दिल्ली के विभिन्न विद्यालय के सैकड़ों छात्र को कविता पाठ, नृत्य, सन्गीत इत्यादि में भाग लेंगे। इस महोत्सव में कवि सम्मेलन, साहित्य चर्चा, पुस्तक विमोचन, साक्षात्कार, समूह चर्चा, पुस्तक समीक्षा इत्यादि अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। इस कवि सम्मेलन में जापान से डा. रमा शर्मा व दोहा कतर से शालिनी गर्ग के अलावा देश व विदेश सैकड़ों श्रोता व प्रतिभागी जुड़ेगे।
इस महोत्सव के संस्थापक कवि सुरेश शौर्य ने बताया कि इस महोत्सव के दौरान कला, साहित्य, शिक्षा इत्यादि सभी क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों को मंच पर अपनी कला प्रदर्शन करने के अवसर प्रदान किया जायेगा साथ ही सम्मान भी प्रदान किया जाएगा। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन इत्यादि का रंगारंग कार्यक्रम इस महोत्सव में किया जायेगा। नयी दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव को लेकर पूरे साहित्य जगत में एक खास उत्साह देखने को मिल रहा है। इस महोत्सव के उत्तर भारत की उपाध्यक्ष डा. रजनी शर्मा चंदा ने कहा कि यह महोत्सव भारत के साहित्य जगत के लिए अमुल्य निधि है। यह महोत्सव भारतवर्ष, जी. डब्लु, एल. एफ़, भा. ले. संघ, एन. एच. आर. सी.सी.बी., परिवर्तन भारत इत्यादि के सौजन्य से आयोजित की जा रही है।

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