कोरोना का तोड़ है “एस॰ एम॰ एस”: डॉ॰ संग्राम

राष्ट्रीय मानवाधिकार / एंटि-करप्शन एवं क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के रा॰ स॰ / विधि सचिव डॉ॰
संग्राम सिंह ने गत दिवस उपरोक्त विचार मीडिया से मुखातिब होते हुए गत दिवस गाँव नीरपुर
के उपस्वास्थ्य केंद्र में कोविड वेक्सीन लगवाते हुए व्यक्त किए। उनके साथ उनकी पत्नी रेखा
कुमारी ने भी कोविड वेक्सीन की डोज़ ली। उन्होने त्रि-सूत्रीय फॉर्मूला “एस॰ एम॰ एस” के बारे में
बताया। “एस”- यानि सोश्ल डिस्टेन्सिंग, “एम”- यानि मास्क और “एस” यानि सेनीटाइजेसन॰
कोविड वक्सिनेसन कार्यक्रम में उनके साथ अजित कुमार , सुनीता देवी आदि साथ थे।
डॉ॰ संग्राम ने बताया कि क्योंकि कोरोना वायरस का कहर फिर से जारी है इसलिए वायरस के
संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरी दुनिया के साथ- साथ हमारे देश में भी इससे बचाव के
लिए काफी कोशिशें की जा रही हैं। हमें इस सब में पूरा सहयोग देना है। कोरोना वायरस-कोविड-
19 से संक्रमण से बचाव के लिए डॉक्टर लोगों को संक्रमित लोगों से दूर रहने की सलाह देते हैं।
चिकित्सकों के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के बिना मुंह को ढके खांसने, छींकने से
फैल सकता है, क्योंकि कोरोना वायरस मुंह से निकले बूंदों के जरिए निकलकर हवा में थोड़ी दूरी
तक फैल सकता है। कोरोना वायरस का संक्रमण पीड़ित व्यक्ति से हाथ मिलाने से भी एक
व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हस्तांतरित हो सकता है। जब कोई व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति के
कांटैक्ट में आता है तो वायरस कितना वायरल है, इसके आधार पर खांसी, छींक या हाथ मिलाना
जोखिम का कारण बन सकता है। जिसे वायरस का अटैक हुआ हो उसे बुखार, जुकाम, सांस लेने
में तकलीफ, नाक बहना और गले में खरास जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं। डॉ॰ संग्राम ने आगे
कहा कि कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों यानी जिनकी रोगों से लड़ने की ताकत कम है
ऐसे लोगों के लिए यह घातक है। बुजुर्ग और बच्चे इसके आसान शिकार हैं। कोरोना वायरस से
संक्रमण से बचाव के लिए संक्रमित लोगों से दूर रहने की सलाह दी जाती हैं। जैसे कि भीड़ में
जाने पर हाथ- मुंह धोना, बुखार और खांसी होने पर घरेलू और सामान्य उपचार करने के बजाय
तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। कोरोनावायरस से बचने के लिए वैक्सीन के साथ-साथ
सावधानी भी बचाव के लिए बेहतर उपाय है। ज्यादा जरूरी हो तो ही घर से निकलें या फिर घर
पर ही रहें। सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें। बाहर निकलें तो मास्क पहन कर निकलें । डॉ॰ संग्राम
ने सलाह दी की हमें भीड़भाड़ वाले इलाक़ों से बचना चाहिए। “सोश्ल डिस्टेन्सिंग” को अपनाएं।

“आइसोलेसन” यानि कुछ दिन अलग थलग रहने से इस वाइरस हम हरा सकते हैं। हॉस्पिटल के
आई॰ सी॰ यू॰ से बेहतर घर होता है। कई तरीकों से हम वाइरस कि “चेन” को तोड़ सकते हैं,
इसे आगे बढ्ने से रोक सकते हैं, खासतोर से वक्सिनेसन कार्यक्रम को युद्धस्तर पर कामयाब
करना आमजन से अपेक्षित है । कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए हमें उससे कहीं अधिक
करने कि जरूरत है, वो भी बिना पेनिक हुए (बिना घबराये)। इससे बचने के लिए सतर्कता और
सावधानी ही एकमात्र उपाय है।

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