
7वें वार्षिक राँची लिटरेचर फेस्टिवल पर झारखंड के अमूल्य धरोहर व साहित्यिक विरासत की हुई अद्भुत प्रस्तुति।
पूर्व उपमुख्यमंत्री आदरणीय श्री सुदेश महतो जी मुख्य अतिथि रहे, लगा देशभर के बुद्धिजीवियों और कवियों का जमघट ।
राज्य ब्यूरो रिपोर्ट/ झारखंड : “लिटरेचर विद नेचर” के नाम से विख्यात रांची लिटरेचर फेस्टिवल 7 वें वार्षिक आयोजन के इस वर्ष के दो दिवसीय आयोजन का पहला दिवस 29 दिसम्बर 2025 को वाई बी एन यूनिवर्सिटी, नामकुम , रांची के “विकसित भारत 2047 साहित्य के संग” थीम के साथ भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इसमें राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकार/गणमान्य इत्यादि भारी संख्या में शामिल हुए। पी.आई.यू. ट्रस्ट के तत्वावधान में यह महोत्सव सप्तम वर्ष सफलतापूर्वक रांची में संपन्न हुआ। इस महोत्सव के संस्थापक डॉ सुरेश प्रियदर्शी ने इस महोत्सव की शुरुआत व उद्देश्यों की सफलता पर दिल्ली से बधाई प्रेषित की है। उन्होंने इस महोत्सव की शुरुआत 2019 में रांची से झारखंड की विराट साहित्यिक व साहित्यिक विरासत के संरक्षण व संरक्षण के लिए की थी।
कार्यक्रम में प्रथम दिवस के मुख्य अतिथि पूर्व उपमुख्यमंत्री आदरणीय सुदेश महतो जी की युवा जोश व उनकी शानदार उपस्थिति एवं वक्तव्य ने रांची साहित्य महोत्सव को एक नई ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने इस मंच से घोषणा की वे झारखंड में साहित्य अकादमी के गठन कराएंगे। उसके लिए राज्य से केंद्र तक से उन्होंने वार्ता कर गठन हेतु आश्वासन दिलाया है। इस महोत्सव का शुभारंभ सरस्वती वंदना स्तुति के साथ मुख्य अतिथि के दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रामजी यादव उपकुलपति, वाई बी एन यूनिवर्सिटी, नामकुम , रांची, विशेष अतिथि के रूप में एनएचआरसीसीबी के अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार, डॉ. जंग बहादुर पाण्डेय, पूरे प्रोफ़ेसर, रांची विश्वविद्यालय, डॉ. अंजना वर्मा, डॉ ममता मनीष सिन्हा इत्यादि इस कार्यक्रम में शामिल रहे।
इस महोत्सव पर केंद्रीय मंत्री व सांसद रांची श्री संजय सेठ जी ने विगत सालों में इस साहित्यिक विरासत के कार्य करने हेतु इसके संस्थापक डॉ. सुरेश प्रियदर्शी की भूरी -भूरी प्रशंसा कर चुके हैं। इस महोत्सव में डॉ. अंजना वर्मा, मधुबाला शांडिल्य, गोड्डा, संयोजक, डॉ. प्रदीप प्रभात, डॉ. मनोज कुमार राही, .डॉ. राधेश्याम चौधरी, पूर्णिमा सुमन संयोजक -धनबाद, ज्योति कुमारी नवादा, सोनी बरनवाल “कशिश” जमुई ,बिहार, संगीता नाथ ,धनबाद, मधुमिता साहा , मनीषा सहाय, भावना अंबष्टा ,सीमा कुमार, सुनीता अग्रवाल, शीलू मेघा, आरती श्रीवास्तव विपुला, सृष्टि अग्रवाल, अनंग मोहन मुखर्जी, स्मिता, शिवम कुमार चौबे, लोकृति गुप्ता अनोखी, आकाश कुमार , कल्पना केशर, रीना प्रेम दुबे , सोनू कृष्ण, कवि राघवेंद्र नारायण सिंह, कवि गुरमीत सिंह (पंजाब), सुप्रिया रश्मि, कवि संजय हजारीबागी, (हजारीबाग झारखंड), कवयित्री राज श्री, कवि विजय कुमार राणा (हजारीबाग झारखंड, ज्योतिरंजन पाठक (रांची झारखंड), डॉ संध्या रानी ,कवयित्री रीना प्रेम दुबे,.कवि सोनू कृष्णन, पंकज कुमार दास,. श्रवण कुमार दत्त, डॉ ब्रजेश बर्णवाल, भोला सागर चन्द्रपुरा, बोकारो, विजय कुमार वर्मा, .कवयित्री बुलबुल गुप्ता (हजारीबाग), श्री उत्तम लयकार,.श्री नवीन चंद्र ठाकुर ,श्री सौरभ सिंहा ,श्री रवि रंजन, श्री विवेक मंडल, कवि तुलसी यादव संयोजक : गिरिडीह, मोहन दास इत्यादि के अपनी प्रस्तुति व प्रतिभागिता से महोत्सव में चार चांद लगा दिया। इन सभी को रांची साहित्य श्री सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में झारखंड के उभरते सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर, यूट्यूबर को भी झारखंड कंटेंट क्रिएटर अवॉर्ड से मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों के हाथों सम्मानित किया गया। जिसमें कुछ नाम हैं:.गायक अजय राज यादव योगेंद्र राणा, कश्यप अनिल ,इत्ज़ गौतम डांसर (गिरिडीह), कुमकुम शर्मा 2.0, .रोहित बरबीघैया, बरुण कुमार (गिरिडीह), अक1_शिवम(संपादक,धनबाद), सूरज कुमार (बोकारो), राहुल कुमार (ड्रोन उड़ान रांची), अंशु शर्मा (धनबाद), विवेक नोबी (बोकारो), प्रदुम कुमार (लातेहार), श्री छोटू पदाधिकारी (लातेहार), त्रिलोकी यादव (लातेहार), रिद्धि (रांची), काजल साहू व्लॉग (बोकारो), लक्ष्य रक्षा अकादमी (रांची मोराबादी), गायक धनंजय लाल यादव (गढ़वा/पलामू) इत्यादि।
इस अनुपम महोत्सव हेतु सभी गणमान्यों ने आयोजक की प्रशंसा की है।
संचालन डॉ. ममता मनीष सिन्हा द्वारा अत्यंत प्रेरक साहित्यिक भाव से किया गया। शामिल काव्य मनीषियों ने समां बांध दिया।

इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए हुए को झारखंड के अमूल्य प्रतीक चिन्ह से भी सम्मानित किया गया। सभी साहित्यकारों में हर्षोल्लास का माहौल बना रहा। महोत्सव राष्ट्रीय महामंत्री व संयोजक विशाल पंडित, पलामू इकाई प्रमुख मनीष मिश्रा व रांची इकाई प्रमुख अशोक प्रमाणिक की भूमिका अतुलनीय रही। संस्थापक डॉ. सुरेश प्रियदर्शी ने इस महोत्सव के 7वें वार्षिक आयोजन हेतु सभी गणमान्यों का आभार व्यक्त किया। महोत्सव के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ राम रतन श्रीवास ने इस महोत्सव हेतु विशेष शुभकामनाएं प्रेषित की है।
मिडिया प्रभारी विनय शर्मा “दीप” ने बताया कि देश भर के विभिन्न प्रांतों से काव्य पाठ के लिए प्रबुद्ध साहित्यकारों एवं विशिष्ट जनों की उपस्थिति रही। जिसमें कनाडा, ब्रिटेन, सिंगापुर, दुबई इत्यादि के भी प्रतिभागी भाग लेंगे। कवि विशाल पंडित के ओजभरी आवाज की गूंज ने पलाश के पतों पर एक नई तरंग को उद्वेलित किया। वहीं डॉ. ममता मनीष सिन्हा के सुंदर संचालन ने रांची की साहित्यिक धरा को एक नई पहचान दी है।
रांची के साहित्यकाश में अपनी अविस्मरणीय साहित्यिक छाप छोड़ने वाले रांची साहित्य महोत्सव का दो दिवसीय आयोजन 30 दिसंबर को आभासी पटल पर देश विदेश के कवियों के उपस्थिति व प्रस्तुती के साथ नई अंग्रेजी साल की शुभकामनाओं के साथ संपन्न होगा। विशाल कुमार, जन कल्याण समिति के संस्थापक का आतिथ्य व वाहन सहयोग साहित्यकारों हेतु मिला। आज के महोत्सव आयोजन व्यवस्था में डॉ. रामजी यादव, डॉ. ममता मनीष सिन्हा, युवा धड़कन डॉ रणधीर कुमार, कवि विशाल पंडित, विशाल कुमार इत्यादि का अविस्मरणीय सहयोग रहा।
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