
ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा बनाई गई सड़क एक साल के अंदर ही हो गई जर्जर
झारखण्ड ब्यूरो/उमेश सिन्हा
बात पतरातू ब्लॉक मोड़ से साँकुल रोड होते हुए टोकीसूद तक निर्मित सड़क की हो रही है। सड़क का नाम *प्रखंड कार्यालय पतरातू मोड़ से टोकीसूद तक पद का शुद्धिकरण* जिसकी कुल लंबाई लगभग 7 किलोमीटर। बोर्ड में प्राक्कलित राशि अंकित नहीं की गई है। काली कृत सड़क की लंबाई लगभग 5 किलोमीटर तथा सीमेंट कंक्रीट सड़क की लंबाई लगभग 2.737 किलोमीटर। इस सड़क निर्माण कार्य की प्रारंभ तिथि है 25/01/ 2020 है। जिसे झारखंड सरकार के राज्य संपोषित योजना जिला रामगढ़ नाबार्ड द्वारा वित्त प्रदत्त किया गया था और यह कार्य ग्रामीण विकास विभाग कार्य प्रमंडल रामगढ़ के द्वारा करवाया गया था। गौरतलब है कि बोर्ड में कार्य समाप्ति की तिथि भी अंकित नहीं की गई है। यह इस क्षेत्र के लोगों के साथ इस सड़क का भी दुर्भाग्य है कि 2020 में बनी सड़क 2022 आते-आते जर्जर स्थिति में पहुँच गई। जगह-जगह गड्ढे हैं जहाँ बरसात के दिनों में पानी जमा होने की वजह से गड्ढों का अंदाजा नहीं होता और आम लोगों की कई बार इस सड़क पर दुर्घटना भी हो चुकी है। गौरतलब है कि इसी सड़क के किनारे पतरातू ब्लॉक मोड़ के आगे संकुल रोड में एक स्कूल भी है जहाँ छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते हैं ईश्वर ना करें कभी ये बच्चे भी इस सड़क की वजह से किसी दुर्घटना का शिकार ना हो जाएँ। ग्रामीणों ने इसके लिए संबंधित विभाग तथा सरकार से गुहार लगाई है कि इसकी जाँच करवाई जाए तथा इस सड़क की मरम्मत कराई जाए। बताते चलें कि सड़क साँकुल, टेरपा किरिगड़ा जैसे गाँवों को सीधे पतरातू से जोड़ती है। लोगों का कहना है कि गलती चाहे जिसकी भी हो लेकिन सड़क इतनी खराब मटेरियल के द्वारा निर्मित की गई थी कि एक से डेढ़ साल के अंदर ही इसकी स्थिति जर्जर हो गई। सड़क जहाँ-तहाँ बीच से उखड़ गई है। बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। ऐसे में यह सरकार के द्वारा दी जाने वाली राशि का सीधे-सीधे दुरुपयोग है और यह जाँच का विषय है।
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